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Showing posts from October, 2015

जितना जादा फ़ैल्युअर उतना बड़ा सक्सेस

फैल्युअर के बोहोत फायदे है। फैल्युअर से बड़ा गुरु नहीं। आपका कोनसा फैल्युअर आपके कोनसे सक्सेस के लिए उपयोगी है यह नहीं बोलते आ सकता। काम अपना है फैल्युअर से सीखना। खुद में बदल करना है और चलते रहना है। इस जिद से ही आदमी सक्सेस पाता है। जितने भी यशस्वी लोग है उनको एक बार एनालिसिस करना उनके सक्सेस के पीछे अपयश भी था। बोहोत लोग पीछे का देखते ही नहीं। इसीलिए जब भी संकट आते है वो रुक जाते है और पीछे हट जाते है। किसको पता पीछे वाला रास्ता ही आपके सक्सेस की राह देख रहा है। संकटो में शक्ती नहीं, फ़ैल्युअर में शक्ती है। आदमीको लाइफ में फ़ैल्युअर चाहिए ही, उसके सिवा सक्सेस में मजा भी नहीं आता और बड़ा सक्सेस भी नहीं मिलता। फ़ैल्युअर से आदमी मजबूत बनता चलता है और उसका निर्णय दृढ़ बनता चलता है। गलती ना करने का कॉन्फिडेंस सिर्फ वही दे सकता है जो कोई भी काम नहीं करता

अपने पीछे खड़े व्यक्ती को भी कभी आगे जाने का मौका दो

अपने पीछे खड़े व्यक्ती को भी कभी आगे जाने का मौका दो। आज हम सब एक रेस में भाग रहे है। एक ऐसी रेस जिसमे हम हमेशा आगे ही रहना चाहते है। हम सबको सिर्फ पीछे छोड़ते जाते है। हम किसीको हमसे आगे जाने का तो छोड़ो हमारे साथ भी खड़े होना नहीं देना चाहते। अगर आप दुसरो को भी आगे जाने का मौका दो गे तो उसे आपके प्रती हमदर्दी बढ़ेगी और हर एक को सफल होने का चांस मिलेगा। हमें कुछ बातो ने इस प्रकार जखड कर रखा है जिस के कारण हम अगर घर से ही शुरवात करे तो आपको बताने की जरूरत ही नहीं। घर में ही इतना डर्टी पॉलिटिक्स खेलते देखा है लोगो को तो डर लगता है रियल पॉलिटिक्स देखने का। अपने बेटे को अपनी पत्नी को भी मौका दो आगे जाने का। मौका दे मतलब क्या करे? अगर आप का बेटा उम्र में आ गया है तो उस पर जिम्मेदारिया डालना शुरू कर दो आप उसे आगे आने का मौका नहीं दो गे तो वो कैसे सिख पाएगा। वह तो जिम्मेदारियों से भागता ही रहेगा। आपकी बेटी को सिखाओ जिम्मेदारी क्या होती है। क्युकी वह तो दो घर के दीपक को रोशन करने वाली होती है। यह चीज जादा तर तभी होगी जब आप उनको आप से आगे जाने का मौका देंगे। इससे आपकी कोई इज्जत कम नहीं ह...

मित्र और शत्रु जन्म होने से पहले नहीं बनते हमारा व्यवहार हमारे मित्र और शत्रु बनाता है।

मित्र और शत्रु अपने व्यवहार से बनते है। कोई भी व्यक्ति हमारा मित्र या शत्रु बनकर संसार में नही आता..। हमारा व्यवहार और शब्द ही लोगो को मित्र और शत्रु बनाते है…॥ फर्क सिर्फ सोच का होता हैं.. सकारात्मक या नकारात्मक.! वरना सीढियां वही होती है – जो किसी के लिए ऊपर जाती हैं, और किसी के लिए नीचे आती हैं।

कुछ पाने के लिए कुछ खोना नहीं कुछ करना पड़ता है

कुछ पाने के लिए कुछ खोना नहीं कुछ करना पड़ता है। हमारे दिमाग में एक चीज बचपन से डाल दी गयी है। वो मतलब कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। जब भी कभी हम कुछ पाने की कोशिश करने जाते थे तब हमें कोई न कोई टोक देते थे भाई कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। पर असल में ऐसा नहीं है कुछ पाने के लिए कुछ खोने की नहीं कुछ करनेकी जरुरत है। हम सदियों से ऐसे सोच के कारण कुछ पाने की तमन्ना ही नहीं कर रहे है। कुछ करोगे तभी आप कुछ तो पाओगे सिर्फ बैठे बैठे आपको कुछ भी नहीं मिलेगा। जब हम मैदान में उतरेंगे तभी खेल पाएंगे। घर में बैठ कर हम सिर्फ खेल की बाते ही कर सकते है। कुछ करने के लीए हमेशा तत्पर रहो। कुछ करोगे तभी पाओगे। खोना है आपको आलस। अगर आलस खो दोगे तो कुछ करोगे और करोगे तो कुछ तो पा ही लोगे।

डरो मत डर का सामना करो।

डरो मत सामना करो डर एक ऐसी चीज है जो हमारे  कार्य में हमेशा बाधा डालता है। डर से आदमी की हिम्मत कम हो जाती है। हम जितना डरते है उतना ही हमारे लिए मुश्किल हो जाता है जीवन को आदर्श बनाना। आज डर का फायदा लेकर कितने लोग बिसनेस करते है जिसे डर का बिसनेस कहना उचित होगा। कोई भगवान का डर दिखा के पैसे कमाता है तो कोई राक्षस का डर दिखा कर। डर के रुको मत पीछे मत हटो, डर का सामना करो। मार्केट में डर का बिसनेस करने वाले भी बहोत है उनसे बचो। डर के वजह से बहोत लोगो का आत्मविश्वास झुक जाता है। वह लोग डर जाते है और शायद काम को अनजान भी नहीं देते। कितनो के सपने डर के वजह से पूर्ण नहीं होते। डर को आपकी कमजोरी मत बनाओ। डर का डट कर सामना करो।

जब भी तडजोड करने की जरुरत पड़े जरुर करो।

जब जब तडजोड करने की जरुरत पड़े जरुर करो। तडजोड करना सीखना ही पड़ता है जिंदगी में। हर एक समय पर तडजोड करना ही पड़ता है। कभी कुछ मुश्किल आ जाती है तो कभी कुछ। हम इसमें एक रास्ता निकालते है वह है तडजोड। हमेशा तडजोड करने में हमें मुश्किलें आती है। कभी प्रोब्लेम्स हमें रहती है तो कभी सामने वाले को। इसके लिए बिच का रास्ता मतलब तडजोड। अभी की बात है मेरा एक प्रोग्राम था तो मुझे उसके लिए ५ तारीख से जाना था पर हुआ यु की मुझे ५ तारीख को जाने में दिक्कत आ रही थी। पर प्रोग्राम तो फिक्स था और में नहीं जाता तो वे लोग नाराज हो जाते। और जाता हु तो मेरा उस दिन का काम नही हो सकता। फिर तडजोड के सिवा दूसरा कोई चारा भी नहीं था। आगे भी कोई डेट्स खाली नहीं थी सिर्फ परसु की डेट खाली थी। अब उसके लिए अर्जेंट से कॉल करने के लिए कहा। जल्दी से जल्दी बात कर के कब आना है यह फाइनल करना होगा वो भी दोनों की मर्जी से। मै तो परसों के लिए राजी था पर अरेंजमेंट करने के लिए उन्हें भी समय कितना लगेगा इसके लिए उनसे बात करना यही तो तडजोड है। जहा जहा मुसीबत दो या जादा व्यक्ति पर आती है वहा तडजोड ही उपाय रह जाता है। वह ...

माँ बाप से महान इस दुनिया में कोई नहीं है।

मुझे मोहब्बत है अपने हाथो की सब उंगलियों से, ना जाने कौन सी उँगली पकड़ के माँ बाप ने चलना सिखाया होगा हर रिश्ते में मिलावट देखी, कच्चे रंगों में सजावट देखी, लेकिन कितने सालो से देखा है माँ बाप को, न ममता में कभी मिलावट देखी। फुल कभी दो बार नही खिलते, जनम कभी दो बार नहु मिलता, मिलते है लोग हजार मगर हजारो गलतिया माफ़ करने वाले माँ बाप कभी दो बार नहीं मिलते। मत करना नजर अंदाज माँ बाप की तकलीफों को जब ये बिचाद जाते है तो रेशम के तकियों पर भी नींद नही आती। तूने जब साँस ली, तब तेरे माँ बाप तेरे साथ थे। माता पिता जब अंतिम सास ले तब तू उनके साथ रहना।