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जब भी तडजोड करने की जरुरत पड़े जरुर करो।

जब जब तडजोड करने की जरुरत पड़े जरुर करो।
तडजोड करना सीखना ही पड़ता है जिंदगी में। हर एक समय पर तडजोड करना ही पड़ता है। कभी कुछ मुश्किल आ जाती है तो कभी कुछ। हम इसमें एक रास्ता निकालते है वह है तडजोड।
हमेशा तडजोड करने में हमें मुश्किलें आती है। कभी प्रोब्लेम्स हमें रहती है तो कभी सामने वाले को। इसके लिए बिच का रास्ता मतलब तडजोड।
अभी की बात है मेरा एक प्रोग्राम था तो मुझे उसके लिए ५ तारीख से जाना था पर हुआ यु की मुझे ५ तारीख को जाने में दिक्कत आ रही थी। पर प्रोग्राम तो फिक्स था और में नहीं जाता तो वे लोग नाराज हो जाते। और जाता हु तो मेरा उस दिन का काम नही हो सकता। फिर तडजोड के सिवा दूसरा कोई चारा भी नहीं था। आगे भी कोई डेट्स खाली नहीं थी सिर्फ परसु की डेट खाली थी। अब उसके लिए अर्जेंट से कॉल करने के लिए कहा। जल्दी से जल्दी बात कर के कब आना है यह फाइनल करना होगा वो भी दोनों की मर्जी से। मै तो परसों के लिए राजी था पर अरेंजमेंट करने के लिए उन्हें भी समय कितना लगेगा इसके लिए उनसे बात करना यही तो तडजोड है।
जहा जहा मुसीबत दो या जादा व्यक्ति पर आती है वहा तडजोड ही उपाय रह जाता है। वह अपने अपने में बैठकर एक बार समझोता करले यही उचित है। हमें लगता है की तडजोड बहुत बड़ी चीज है। पर नही जहा जहा एडजस्टमेंट आई वहा तडजोड आता है।
उचित समय पर किया हुआ तडजोड हमें बहोत आगे तक ले जाता है।
छोटे छोटे तडजोड में ही आप बडे महान बनते हो।

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