मुझे मोहब्बत है अपने हाथो की सब उंगलियों से, ना जाने कौन सी उँगली पकड़ के माँ बाप ने चलना सिखाया होगा
हर रिश्ते में मिलावट देखी, कच्चे रंगों में सजावट देखी, लेकिन कितने सालो से देखा है माँ बाप को, न ममता में कभी मिलावट देखी।
फुल कभी दो बार नही खिलते, जनम कभी दो बार नहु मिलता, मिलते है लोग हजार मगर हजारो गलतिया माफ़ करने वाले माँ बाप कभी दो बार नहीं मिलते।
मत करना नजर अंदाज माँ बाप की तकलीफों को जब ये बिचाद जाते है तो रेशम के तकियों पर भी नींद नही आती।
तूने जब साँस ली, तब तेरे माँ बाप तेरे साथ थे। माता पिता जब अंतिम सास ले तब तू उनके साथ रहना।
हर रिश्ते में मिलावट देखी, कच्चे रंगों में सजावट देखी, लेकिन कितने सालो से देखा है माँ बाप को, न ममता में कभी मिलावट देखी।
फुल कभी दो बार नही खिलते, जनम कभी दो बार नहु मिलता, मिलते है लोग हजार मगर हजारो गलतिया माफ़ करने वाले माँ बाप कभी दो बार नहीं मिलते।
मत करना नजर अंदाज माँ बाप की तकलीफों को जब ये बिचाद जाते है तो रेशम के तकियों पर भी नींद नही आती।
तूने जब साँस ली, तब तेरे माँ बाप तेरे साथ थे। माता पिता जब अंतिम सास ले तब तू उनके साथ रहना।
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