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अपनी कमजोरी को अपनी ताकद बनाओ

इस दुनिया में हर एक व्यक्ती में कोई न कोई कमजोरी होती ही है। चाहे वह कोई भी हो उससे डरो मत उसका सामना करना सीखो। आप कमजोरी से जितना भागोगे वह उतनी बड़ी बनती जाएगी। एक उदाहरण से आपको समझ में आ जाएगा।
अगर मेरी नजर कमजोर हो गयी है। और उसपर में ध्यान नहीं दे रहा। मतलब उस चीज से में बाग़ रहा हु तो वह बढ़ेगी। और अगर में सही वक्त पर ही चश्मा लगा ता हु और उसका इस्तमाल करता हु तो जो मेरे चश्मे का नंबर है वह धिरे धिरे कम होते चला जाएगा। अगर आप उससे भागोगे तो वह नंबर बढ़ता ही चला जाएगा।
दुनिया में हर एक की कमजोरिया है। पर कमजोरियों से भाग के कोई फायदा नहीं। सबसे पहले आपकी कमजोरियों के ढूंडो और उसी कमजोरी को अपनी ताकद कैसे बनाते आएगा इस पर ध्यान दो।
एक लड़की थी जिसकी कमजोरी उसकी सुन्दरता थी। वो जहा रहती थी वहा एक लड़का उसे हर वक्त परेशान करता था। उसे छेड़ता था। उसकी कमजोरी थी वह लड़का। वो भला कितने दिन उस कमजोरी से भागती। वह परेशान हो चुकी थी। उसे देखने कोई लड़का आता तो वह उसे भी भगा देता। उस लड़की ने एक किया जिससे उसकी कमजोरी ही उसकी ताकद बन गयी। उस लड़की ने उअ लड़के को राखी बांध दी और भाई मान लिया। फिर क्या लड़के के पास नो चांस। आज वही भाई ने उसके बहन की शादी में बहोत मदद की। पूरी शादी की तयारिया करने से पुरे शादी हो जाने तक।
वह लड़की कितने दिन तक उससे डर के भागती। उसने उसकी कमजोरी को ही उसकी ताकद बढाई।
जब तक हम कमजोरी को अपनी ताकद नहीं बनाएंगे तब तक वो कमजोरी और बढ़ेगी और वह वक बड़ी समस्या बन जाएगी। अगर किसीसे बात न करते आना अगर आप की कमजोरी है बात कर के उस कमजोरी को ताकद बनाओ।
हम जादा तर भागते ही रहते है परेशानियों से कमजोरियों से भागते ही रहते है। हम इतना भागना सिख गए है अगर कमजोरियों से भागने की मरेथोन रखी जाए तो फर्स्ट आएंगे। भाग कर मरेथोन मत जीतो लढ़ कर कुश्ती जीतो

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